கணவு

Random people Random conversations இரவெல்லாம் நாடகம் விடிந்த பிறகே பெயர் தெரிந்தது கணவு by Mano (https://www.facebook.com/mano.hrn) விடிந்தது, உன் கனவு உடைந்தது! உடைந்தது உன் கனவா இல்லை நிஜமா ? நீ வாழும் இந்த வாழ்கை இரவு, பகல் எல்லாம், நிஜமா ? இல்லை கனவில் இன்னொரு கனவா ? my 2 cents :), excuse my broken Tamil. 😀 கனவின் இருத்தலில் நனவும் நனவின் இருத்தலில் கனவும் இரண்டின் இருத்தலில்…

Rate this:

Traveller and Perception

The clarity lies not in the form nor is in the distance, as it so lies in the subliminal vision of the seeker or is a lie. As the traveller as lost in the myriad canvases, as he knows he can browse & not belong, as to the tree, the soil it wants to uproot…

Rate this:

एक अधूरा सफ़र

सितारों को आँखों में महफूज़ रख लो, बड़ी दूर तक रात ही रात होगी, मुसाफिर हो तुम भी, मुसाफिर हैं हम भी, इस्सी मोड़ पे फिर मुलाकात होगी। येह पंक्तियाँ मेरी नहीं हैं, लेकिन इस सफ़र के लिये मैंने उधार लिये हैं, सिर्फ इस सफ़र के लिए ।

Rate this:

प्रतिबिंब

अक्सर, कवितायें सोची नहीं जाती, योजित नहीं होती, सोची समझी नहीं होती, वेह तो किसी मद्यजन्य के होटों पर मधु की तरह हैं, खुद से ही बेखबर और बाकियों से बेपरवाह बेहिती है। येह ऐसे ही कुछ संवाद हैं जिन्हें में एक जगह प्रस्तुत कर रहा हूँ, आशा हैं आप सब अपने रोज़ मर्रा के कम से…

Rate this:

|| मुसाफिर ||

चले थे नई मंजिलें ढूँढने, पूछते, रास्ते कुछ जाने, कुछ अंजाने, ढूँढने तन्हाईओं को, जहां रुक जाये हम और थम जाये समय, लेकिन रास्ते हमेशा ले जाते हैं, लोगों में और कुछ इंसानों में, उम्मीदों में और कुछ मायूसिओं में, कभी मुसाफिर मोहब्बतों में,तो कभी अपने फ़रेबो मे, कभी शर्म से झुकती नज़रों में, हया…

Rate this:

सवाल

क्या पूछते हो इस रेगिस्तान से, येः तो सिर्फ बालू हैं, सिर्फ बालू, जहाँ तक नज़र जाए वहाँ तक, न देखि हैं इस्ने बारिश की हसीन बूँदें, और न शाम कि गुदगुदाती हवयें, येः तो सिर्फ सूरज के कोप में जलीं हैं और रात कि तनहाइयों में मुस्कुराईं हैं। अगर पूछना ही हैं, तो पूछ…

Rate this:

ख़ामोशी

  दूर इन भीड़ भरे रास्तों से, निकल पड़े एक दिन, ढूँढने खोए हुए कुछ खामोश लम्हों को, लेकिन नादान थे हम, के निकल पड़े थे हुजूम के साथ, ढूँढने जिन लम्हों को, और मिल पाये उन लम्हों से, सिर्फ, जब खो पाये साथ निकली भीड़ को| इन तन्हा लम्हों में एक मोहब्बत हैं, जो…

Rate this: